ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा – Jan Jan Tak
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ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

ByJan Jan Tak

Oct 3, 2026
ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने महिला समूह को डिहाइड्रेटर तथा ग्रेडिंग मशीन दी, घीड़ी में शहीद पार्क होगा स्वीकृत

महिला समूह की आजीविका गतिविधियों से लेकर विद्यालयी व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, घीड़ी में ग्रामीणों से संवाद कर सुनी समस्याएं

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने आज क्षेत्र भ्रमण के दौरान ल्वाली और घीड़ी पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों, आजीविका गतिविधियों, विद्यालयी व्यवस्थाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और फीडबैक की जानकारी ली।

ल्वाली में जिलाधिकारी ने साधना स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित संग्रहण केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने जिला स्तरीय फेडरेशन के सहयोग से संचालित पशु आहार एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय की जानकारी ली। महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी आजीविका गतिविधियों, आय, उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि केंद्र पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को संग्रहित कर विक्रय के लिए रखा जाता है।

महिलाओं ने उत्पादों की गतिविधियों को और बेहतर बनाने के लिए झाड़ी कटान हेतु बुश कटर, उत्पादों के संरक्षण के लिए डीहाइड्रेटर तथा ग्रेडिंग के लिए मशीन की आवश्यकता बतायी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजीविका गतिविधियों को स्थानीय संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप और अधिक विविधीकृत किया जाए, ताकि महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके।

इसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय ल्वाली का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक कक्ष सहित विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा विद्यालय में आयोजित बाल मेले का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न मॉडलों के बारे में जिलाधिकारी को जानकारी दी। उन्होंने विद्युत परिपथ, पृथ्वी के स्थलरूप, वर्षा जल संरक्षण, वायुमंडल की परतों, द्विविमीय से त्रिविमीय आकृतियों के निर्माण, औषधीय पौधों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों सहित विभिन्न विषयों पर तैयार मॉडलों का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कुछ विद्यार्थी गणित के आधारभूत प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाए। इस पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों से बच्चों की बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए विषय पढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने शिक्षकों से विभिन्न विषयों को पढ़ाने में अपनाए जा रहे नवाचारी तरीकों की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि गतिविधि आधारित आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर देते हैं।

विद्यालय में समग्र शिक्षा के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सामाजिक विज्ञान महोत्सव में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के भाषण भी सुने। सोशल मीडिया विषय पर एक बालिका द्वारा प्रस्तुत विचारों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी से कहा कि विद्यालयों में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त मंच उपलब्ध कराए जाएं।

विद्यालय में बन रहे मध्याह्न भोजन का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने दाल और सब्जी का स्वाद लेकर भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा भोजनमाताओं से संवाद किया। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यालय में गैस कनेक्शन उपलब्ध है, इसलिए भोजन गैस पर ही तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यालय के रूप में यहां जो भी आवश्यकताएं हैं, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में जिलाधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के पैतृक गांव घीड़ी पहुंचीं। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि स्वयं उनके गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

पूर्व में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शहीद पार्क हेतु आवेदन दिया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को प्रारंभिक आगणन बनाने के निर्देश दिए थे। इसके क्रम में जिलाधिकारी ने शहीद पार्क के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया तथा ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तैयार डिजाइन और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान पार्क के विकास को लेकर चर्चा की गई। प्रस्तावित शहीद पार्क में ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, सौंदर्यीकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्क का निर्माण ग्रामीणों की सहमति और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को विस्तृत डीपीआर बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कि धनराशि स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

संवाद के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज कालेश्वर में सोलर लाइट तथा विद्यालय की क्षति के संबंध में अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने सोलर लाइट की स्वीकृति होते हुए विद्यालय की मरम्मत हेतु प्रस्ताव बनने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय महिलाओं ने संवाद के दौरान जिलाधिकारी से लाइट हेतु निवेदन किया, जिस पर जिलाधिकारी ने उरेडा से लाइट देने के निर्देश दिए।

संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम गैंड की पेयजल योजना में आवश्यक लाइन जोड़ने तथा खराब फीडर की समस्या का मौके पर निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी देने को कहा गया। ग्रामीणों की ओर से सामुदायिक भवन की मांग पर जिलाधिकारी ने बताया कि भवन का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिसे शासन को भेजा जाएगा।

ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने बैंक सखियों के माध्यम से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने घीड़ी स्थित पर्यटक विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं की जानकारी लेते हुए सड़क की सफाई, मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्यों के संबंध में चर्चा की। अठूल गांव की सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव एससीपी में प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं को उनके बीच पहुंचकर समझना है। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और आवश्यकताओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान घीड़ी मातबर सिंह बिष्ट, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजस्व उपनिरीक्षक दीपक बेलवाल, वैभव प्रताप, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विजय कपरवाण सहित संबंधित अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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