महालेखाकार उत्तराखंड ने जीपीएफ अदालत का किया आयोजन – Jan Jan Tak
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महालेखाकार उत्तराखंड ने जीपीएफ अदालत का किया आयोजन

ByJan Jan Tak

Oct 30, 2025
महालेखाकार उत्तराखंड ने जीपीएफ अदालत का किया आयोजन

 पारदर्शिता, लोककल्याण और उत्तरदायी प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जी.पी.एफ. अदालत का सफल आयोजन

लगभग 45,000 अभिदाताओं से संबंधित मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण पर केंद्रित पहल
शिकायतों के मौके पर समाधान हेतु सहायता काउंटर स्थापित, अभिदाताओं को प्रमाणपत्र वितरण

देहरादून – महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), उत्तराखंड, देहरादून के कार्यालय गुरुवार को कौलागढ़ स्थित ऑडिट भवन में सामान्य भविष्य निधि (जी.पी.एफ.) अदालत का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य जनकल्याण, पारदर्शिता एवं उत्तरदायी प्रशासन को प्रोत्साहित करना तथा जी.पी.एफ. से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना था। महालेखाकार कार्यालय राज्य के लगभग 45,000 अभिदाताओं के जी.पी.एफ. अभिलेखों का संधारण करता है, और उनके हितों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु यह अदालत आयोजित की गई।

अदालत का उद्घाटन मो० परवेज़ आलम, महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), उत्तराखंड द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि यह पहल महालेखाकार कार्यालय, कर्मचारियों तथा प्रशासन के बीच एक साझा मंच प्रदान करती है, जहाँ सामान्य भविष्य निधि से संबंधित विषयों का संयुक्त रूप से समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि सामान्य भविष्य निधि केवल एक वित्तीय साधन नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए विश्वास एवं सुरक्षा का प्रतीक है, और यह अदालत उनके कठिन परिश्रम से अर्जित बचत से संबंधित मामलों के समाधान में संवेदनशीलता, सटीकता एवं दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सक्रिय कदम है।

 

इस अवसर पर लगभग 300 आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ), 200 अभिदाता, तथा वित्त विभाग, निदेशालय कोषागार, कोषागार देहरादून एवं साइबर कोषागार के अधिकारी उपस्थित रहे। शिकायतों के प्रभावी निराकरण हेतु विभिन्न सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहाँ अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया तथा शेष मामलों में आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ की गई।

समाधान प्रमाणपत्र मौके पर ही मो० परवेज़ आलम, महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) तथा श्री लोकेश दताल, वरिष्ठ उप-महालेखाकार द्वारा संबंधित अभिदाताओं को प्रदान किए गए, जिससे शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के प्रति कार्यालय की प्रतिबद्धता परिलक्षित हुई।

महालेखाकार महोदय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी तंत्र में विश्वास, दक्षता एवं पारदर्शिता को और सुदृढ़ करेंगी।

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