पुलिस ने आरोपित की सात दिन के कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने आरोपित को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अब पुलिस आरोपित से मामले से जुड़े विभिन्न पहलू पर पूछताछ करेगी।

दिल्ली पुलिस ने संभवतः सुरक्षा कारणों से देर रात गुपचुप तरीके से आरोपित को पेश कर रिमांड पर लिया। पुलिस को दिन में आरोपित को पेश करने पर हंगामे या उस पर हमले का अंदेशा था।

आजीवन कारावास की हो सकती है सजा

  • हमलावर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 132/221 के तहत सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।
  • पीड़ित को गंभीर चोट लगने पर धारा 109(1) लगती है, जिसके तहत आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान है। हालांकि, धारा 109 में 10 साल की सजा का ही प्रविधान है।
  • धारा 132 सरकारी कर्मी को चोट पहुंचाने, कार्य में बाधा डालने पर लगती है। इसमें दो साल सजा है।
  • धारा 221 में सरकारी कार्य में बाधा डालने के तहत तीन महीने की सजा और दो हजार जुर्माना है।