‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का टर्नओवर 2030 तक ₹100 करोड़ करने का लक्ष्य – Jan Jan Tak
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‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का टर्नओवर 2030 तक ₹100 करोड़ करने का लक्ष्य

Byjan_jantak

Jul 22, 2025
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का टर्नओवर 2030 तक ₹100 करोड़ करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री धामी ने यूनिटी मॉल के माध्यम से विपणन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की रणनीति बनाने के निर्देश दिए

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अम्ब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज‘ का टर्न ओवर वर्ष 2030 तक एक सौ करोड़ रूपए किए जाने का लक्ष्य तय करते हुए इसके उत्पादों की यूनिटी मॉल के माध्यम से भी विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक स्मार्ट गांव विकसित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सभी परिवारों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित गेमचेंजर योजनाओं-मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, ग्रोथ सेंटर योजना, हाऊस ऑफ हिमालयाज तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण उद्यमिता को बढावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के संसाधन बढाने के साथ ही रिवर्स पलायन करने वाले लोगों को हर संभव प्रोत्साहन दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम‘ को मजबूत किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिये अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पादों के विपणन के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाय। इसके उत्पादों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाय।  मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जांय। जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि हो सके। ग्रोथ सेंटर्स को कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी काम किया जाय।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत आवश्यक कौशल, संसाधन और सहायता प्रदान करने के साथ ही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की उपयुक्त व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा द्वारा ग्राम विकास विभाग की गेंमचेंजर योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होेंने बताया कि राज्य में अभी तक एक लाख पैंसठ हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। आगामी तीन सालों में एक लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत तीन सालों में पन्द्रह हजार ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाएगी।  हाऊस ऑफ हिमालयाज के अंतर्गत राज्य के 150 से अधिक उत्पादों को जोड़े जाने के लिए चरणबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव सुश्री झरना कमठान, अपर सचिव सुश्री अनुराधा पाल, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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