‘न कहना सीखें और 1098 पर कॉल करें’—बालिकाओं को बाल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक – Jan Jan Tak
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‘न कहना सीखें और 1098 पर कॉल करें’—बालिकाओं को बाल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

ByJan Jan Tak

Sep 24, 2026
‘न कहना सीखें और 1098 पर कॉल करें’—बालिकाओं को बाल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

खिर्सू में जागरुकता अभियान के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज खिर्सू में वृहद जन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गयी।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक व्यवहार, हिंसा, शोषण, जबरदस्ती या संकट की स्थिति में बच्चे बिना संकोच सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बालिकाओं को विशेष रूप से संदेश दिया कि अपनी इच्छा के विरुद्ध किसी भी व्यवहार के लिए ‘न कहना सीखें’ और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल 1098 पर कॉल करें। उन्होंने बाल विवाह, जबरदस्ती तथा साइबर बुलिंग जैसी परिस्थितियों में भी सतर्क रहने और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई प्रज्ञा नैथानी ने किया। उन्होंने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की कार्यप्रणाली एवं इसके माध्यम से उपलब्ध सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी गढ़वाल की सदस्या सुनीता भट्ट ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) तथा बच्चों के मौलिक अधिकारों के संबंध में जानकारी साझा की।

चाइल्ड हेल्पलाइन की परामर्शदाता कविता पंवार ने वर्तमान डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर बच्चों को जागरुक किया। उन्होंने साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।

जिला परिवीक्षा अधिकारी ने बच्चों को बाल अधिकारों एवं उनके संरक्षण, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की उपयोगिता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बच्चों को व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड एवं अन्य संवेदनशील विवरण सुरक्षित रखने, अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा संकट की स्थिति को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेना आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य सुबोध नेगी ने की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पैरा लीगल वॉलेंटियर प्रकाश सिंह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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