कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड – Jan Jan Tak
  • Sat. Aug 1st, 2026

Jan Jan Tak

Jan Jan Tak

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

ByJan Jan Tak

Aug 1, 2026
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

जूडो में भारत को मिला पहला पुरुष गोल्ड

नई दिल्ली। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के युवा हर्ष सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। जूडो के पुरुष वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराकर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ हर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो के पुरुष वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

23 वर्षीय हर्ष सिंह की यह उपलब्धि भारतीय जूडो के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने ग्लास्गो में वह कर दिखाया, जिसका भारतीय जूडो लंबे समय से इंतजार कर रहा था।

हर्ष ने अपने खेल की शुरुआत कम उम्र में ही कर दी थी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार दमदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में जगह मिली, जहां उनके खेल में और निखार आया। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले हर्ष ने टोक्यो ग्रैंड स्लैम 2025, ताशकंद ग्रैंड स्लैम 2026 और एशियाई चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं ने उन्हें बड़े मुकाबलों का अनुभव दिया, जिसका फायदा ग्लास्गो में साफ दिखाई दिया।

ग्लास्गो में हर्ष का अभियान शानदार रहा। पहले मुकाबले में उन्होंने मलावी के चिकोंडी काथेवेरा को इप्पोन से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में वानुआतु के एलन मोंथोएल को मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो के खिलाफ उन्होंने वाजा-आरी के दम पर जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल किया।

स्वर्ण पदक मुकाबले में हर्ष का सामना ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय जूडोका जोशुआ काट्ज़ से हुआ। कड़े मुकाबले के बीच भारतीय खिलाड़ी ने अंतिम चरण में शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए निर्णायक बढ़त बनाई और 10-0 के अंतर से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

हर्ष सिंह की इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय जूडो को नई पहचान दिलाई है। इससे पहले महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। दोनों खिलाड़ियों की सफलता के साथ भारत ने पहली बार किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में दो स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया।

हर्ष की उपलब्धि पर देशभर में खुशी की लहर है। उनकी जीत को भारतीय जूडो के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत माना जा रहा है। खेल जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दावेदारी को और मजबूत करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *