अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील – Jan Jan Tak
  • Thu. Jun 25th, 2026

Jan Jan Tak

Jan Jan Tak

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील

ByJan Jan Tak

Jun 24, 2026
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील

बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान
भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण के अनुरूप एमडीडीए लगातार कार्रवाई कर रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत संचालित होते पाए गए, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई।

लक्कड़घाट रोड पर व्यावसायिक निर्माण सील
एमडीडीए की कार्रवाई के तहत सबसे पहले लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के निकट निर्मल बाग क्षेत्र में अंकित रावत द्वारा कराए जा रहे व्यावसायिक निर्माण का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने मौके पर ही भवन को सील कर दिया।

निर्मल बाग ब्लॉक-बी में भी कार्रवाई
एमडीडीए की टीम ने इसके बाद निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में शशि कुमार गौड़ द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य अनधिकृत पाया गया। प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से उक्त निर्माण को भी सील कर दिया और संबंधित व्यक्ति को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

गुमानीवाला में तीसरा निर्माण हुआ सील
नागराजा मंदिर, गुमानीवाला ऋषिकेश क्षेत्र में साहाब सिंह रमोला द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर भी एमडीडीए की नजर पड़ी। निरीक्षण में यह निर्माण भी बिना अनुमति और स्वीकृति के पाया गया। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के तहत बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के निर्माण कार्य करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

नागरिकों से नियमों के पालन की अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। इससे न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होगी। एमडीडीए का कहना है कि सुनियोजित और व्यवस्थित शहरी विकास के लिए नियमों का पालन आवश्यक है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, प्रमोद मेहरा, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंताओं, एमडीडीए की प्रवर्तन टीम तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई। अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत विकास गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऋषिकेश में जिन तीन निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, वे बिना आवश्यक स्वीकृतियों के बनाए जा रहे थे। हमारा उद्देश्य नियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए कानून के दायरे में रहते हुए शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण के दौरान ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माणों को चिन्हित कर सील किया गया है। बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि निर्माण शुरू करने से पूर्व नियमानुसार स्वीकृतियां प्राप्त करें। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *